अवधूत साठे(Avdhut Sathe): सफलता, विवाद और SEBI की रेड
भारत में शेयर बाज़ार सिर्फ़ निवेश का ज़रिया ही नहीं, बल्कि लोगों के सपनों और महत्वाकांक्षाओं का भी हिस्सा है। हाल के वर्षों में “फिनफ्लुएंसर” (Finance + Influencer) नाम का एक नया ट्रेंड उभरा है। इनमें से सबसे ज़्यादा चर्चित नामों में से एक हैं अवधूत साठे (Avdhut Sathe)। कभी साधारण परिवार से उठे साठे आज करोड़ों के मालिक माने जाते हैं। लेकिन उनकी चमकदार सफलता की कहानी के साथ-साथ विवाद और आरोप भी जुड़े हुए हैं।
बचपन से लेकर सफलता तक का सफर (Avdhut Sathe)
अवधूत साठे का जन्म और पालन-पोषण मुंबई के दादर इलाके की एक चॉल में हुआ। घर की स्थिति साधारण थी, लेकिन उनमें बड़े सपने थे। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और फिर नौकरी के लिए अमेरिका, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया तक गए।
1991 से उन्होंने शेयर बाज़ार में निवेश और ट्रेडिंग शुरू कर दी थी। धीरे-धीरे उन्हें सफलता मिली और उन्होंने नौकरी छोड़कर पूरा ध्यान शेयर बाज़ार और शिक्षा देने पर लगा दिया।
ASTA – अवधूत साठे(Avdhut Sathe) ट्रेनिंग अकादमी
2008 में उन्होंने करजत (मुंबई के पास) में Avdhut Sathe Training Academy (ASTA) की शुरुआत की। यहाँ तीन महीने का गुरुकुल स्टाइल कोर्स कराया जाता है जिसमें स्टूडेंट्स को सिर्फ़ ट्रेडिंग और निवेश ही नहीं, बल्कि मनोविज्ञान, योग, संस्कार और सत्संग जैसी चीज़ें भी सिखाई जाती हैं।
आज ASTA के 17 से भी ज़्यादा सेंटर्स भारत के अलग-अलग शहरों में हैं – मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु से लेकर छोटे शहर जैसे भुवनेश्वर, नागपुर और कोच्चि तक। ऑनलाइन क्लासेस भी चलते हैं और उनके स्टूडेंट्स दुबई और अमेरिका तक से आते हैं।
फीस भी साधारण नहीं है – तीन महीने की ट्रेनिंग का खर्चा 21 हज़ार से लेकर 1.7 लाख रुपये तक है।
वायरल वीडियो और सोशल मीडिया फॉलोइंग(Avdhut Sathe)
साल 2023 में साठे का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें वह पुणे के अपने सेंटर में डांस करते हुए नज़र आए। पीछे स्क्रीन पर लाइव शेयर बाज़ार के टिकर चल रहे थे और उनके स्टूडेंट्स भी तालियों और डांस में शामिल हो गए। इस अनोखे तरीके पर कई लोगों ने मज़ाक उड़ाया, लेकिन उनके चाहने वालों ने इसे “पॉज़िटिव एनर्जी” का हिस्सा बताया।
सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता काफी बड़ी है:
- YouTube पर करीब 10 लाख सब्सक्राइबर्स
- Instagram पर लगभग 2.37 लाख फॉलोअर्स
छात्राओं की सफलता की कहानियाँ
उनके यूट्यूब चैनल पर कई “सक्सेस स्टोरीज़” शेयर की जाती हैं। जैसे:
- एक गृहिणी जिसने 3 महीने में अपनी पूँजी पर 50% का मुनाफ़ा कमाया।
- दूसरी महिला जिसने 30 महीनों में 1 करोड़ रुपये से ज़्यादा कमा लिए। ऐसी कहानियों ने उनके ब्रांड को और मज़बूत बनाया।
विवाद और आरोप
लेकिन हर सफलता के साथ विवाद भी आते हैं। कई फिनफ्लुएंसर और मार्केट एक्सपर्ट्स ने साठे को धोखेबाज़ (Fraud) और स्कैमस्टर कहना शुरू कर दिया। आरोप लगे कि:
- वे व्हाट्सऐप ग्रुप्स पर पेननी स्टॉक्स की सिफ़ारिश करते हैं।
- ऑपरेटरों और प्रमोटरों से मिलकर स्टूडेंट्स को ऐसे स्टॉक्स खरीदने के लिए कहते हैं।
- उनकी ट्रेनिंग “निवेशक शिक्षा” के नाम पर असल में स्टॉक टिप्स और सिफ़ारिशों तक जाती है।इसी वजह से उनकी साख (Credibility) धीरे-धीरे गिरने लगी।
SEBI की रेड
16 अगस्त 2024 को जब मुंबई लगातार पाँच दिन तक भारी बारिश से जूझ रहा था, तब भी SEBI की टीम ने सुबह-सुबह करजत में साठे के घर और अकादमी पर सर्च और सीज़र (Raid) ऑपरेशन शुरू किया। यह ऑपरेशन काफ़ी पहले से प्लान किया गया था:
- कोर्ट से इजाज़त ली गई थी
- उनकी गतिविधियों पर नज़र रखी गई थी
- उनकी डिजिटल डिवाइसेज़ और ट्रेडिंग डेटा जब्त कर लिया गया
SEBI के Whole Time Member, कमलेश वर्मा ने मीडिया को बस इतना ही कहा –
“हमने एक बड़े फिनफ्लुएंसर पर बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने बहुत मेहनत की है, अब सबूतों की जाँच की जाएगी।”
कमाई का ग्राफ
उनकी अकादमी की कमाई बहुत तेज़ी से बढ़ी है:
- 2021: ₹17 करोड़
- 2022: ₹37 करोड़
- 2023: ₹86 करोड़
- 2024: ₹116 करोड़
- 2025 का अनुमान: ₹200 करोड़
निष्कर्ष
अवधूत साठे की कहानी एक ऐसी यात्रा है जिसमें मेहनत, सफलता, चमक-दमक और विवाद सबकुछ है। उन्होंने चॉल से निकलकर करोड़ों की दौलत और शोहरत हासिल की। लेकिन उनके तरीकों और प्रैक्टिस पर सवाल उठते रहे हैं। आने वाले समय में SEBI की जाँच से यह साफ़ होगा कि सच कौन-सा है।
Read more about, SEBI (Securities and Exchange Board of India) : क्या है ? शुरुआत कब और क्यों हुई ?
1 thought on “अवधूत साठे(Avdhut Sathe): सफलता, विवाद और SEBI की रेड, 2025”